सावन में 59 दिन होंगे, 15 दिन विलंब से होगा रक्षाबंधन


हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व है। शिव भक्तों को सावन का बेसब्री से इंतजार रहता है। सावन महीने में लोग रोजाना शिवजी का अभिषेक-पूजन करते हैं। सावन सोमवार का व्रत रखते हैं। इस बार तो भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सावन और भी ज्यादा खास है। इस साल भक्तों को एक नहीं दो सावन महीने मिलेंगे। महादेव के भक्तों को इस बार उनकी उपासना के लिए सावन के 4 नहीं बल्कि 8 सोमवार मिलेंगे। सावन के दूसरे सोमवार को इस बार हरियाली व सोमवती अमावस्या का संगम होगा। इस बार सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई से होने जा रही है। 31 अगस्त को इसका समापन होगा। इस तरह शिव भक्तों को सावन में कुल 59 दिन भगवान शिव की उपासना के लिए मिलेंगे। सावन के महीने में पुरुषोत्तम मास पड़ रहा है। इसका शास्त्रों में काफी महत्व है। इसकी वजह से कई हिन्दू त्योहारों की तिथियों में 15 दिन का अंतर भी आएगा।

18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिकमास-
सावन का पहला कृष्ण पक्ष 18 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद 18 जुलाई से 16 अगस्त तक पुरुषोत्तम मास होगा। 16 अगस्त से 31 अगस्त तक श्रावण मास का शुक्ल पक्ष होगा।ज्योतिषाचार्य कहते हैं, इस बार के सावन का महत्व कहीं अधिक है। इसका कारण है कि एक तो सावन का महीना 59 दिनों का हो रहा है। दूसरा, सावन मास मणिकांचन योग में होगा।अधिकमास में सावन का पडऩा दुर्लभ संयोग है।

शिव, विष्णु का पूजन साथ साथ-
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन के महीने में भगवान शंकर की पूजा और पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की पूजा का महत्व है। सावन के महीने के बीच में ही पुरुषोत्तम माह मनाया जाएगा। इसलिए इस बार भगवान शंकर और भगवान विष्णु की पूजा श्रावण मास के दौरान साथ साथ की जाएगी। हर साल चातुर्मास चार माह का होता है। लेकिन इस साल में सावन माह दो बार होने से चातुर्मास पांच माह का होगा। 29 जून 2023 को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होगी । 23 नवंबर 2023 को देवउठनी एकादशी पर चातुर्मास का समापन होगा।

एक साल में घटते हैं 11 दिन
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला के अनुसार कई बार दो तिथि एक ही दिन होती है और कई बार एक तिथि दो दिन पड़ती है। तिथियों की इस घट बढ़ के चलते एक साल में लगभग 11 दिन घट जाते हैं। यानी हिंदू संवत्सर का साल 354 दिन का होता है। इस तरह तीन साल में 30 से 33 दिन का अंतर आ जाता है। इस अंतर को पूरा करने के लिए हर तीसरे साल में हिंदू संवत्सर का कोई न कोई महीना दो बार पड़ता है। इस साल सावन महीना दो बार पड़ेगा।

15 दिन देर से रक्षाबंधन
ज्योतिर्विद शुक्ला ने बताया कि श्रावण माह दो बार पडऩे से कई पर्व सामान्य रूप से मनाए जाने वाले दिनों से 15 दिन आगे, पीछे मनाए जाएंगे। इस साल कुछ पर्व पहले और कुछ बाद में पड़ेंगे। सावन महीने के पहले पखवाड़े में पडऩे वाले त्योहार लगभग 15 दिन पहले आएंगे। दूसरे पखवाड़े के पर्व 15 दिन बाद पड़ेंगे। इस बार रक्षाबंधन 31 अगस्त को है। जबकि यह सामान्यत: अगस्त के पहले पखवाड़े में पड़ता है।