एकता कपूर ने बताया, कैसे मिली स्मृति ईरानी को ‘तुलसी’ की भूमिका
मुंबई : भारतीय टेलीविजन के इतिहास का सबसे बड़ा शो माने जाने वाला 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' एक बार फिर से दर्शकों की यादें ताजा करने आ गया है। साल 2000 से 2008 तक, ये शो न सिर्फ एक घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बना, बल्कि इसके किरदार भी लोगों के दिलों में बस गए। खासकर 'तुलसी विरानी' का किरदार निभाने वाली स्मृति ईरानी को दर्शकों ने एक आदर्श बहू के रूप में सिर आंखों पर बैठा लिया।
एकता कपूर ने स्मृति के साथ किया लाइव
हाल ही में इस शो की री-लॉन्चिंग के मौके पर एकता कपूर और स्मृति ईरानी ने एक साथ लाइव बातचीत की, जहां एकता ने एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। एकता ने बताया कि स्मृति ईरानी को कैसे इस शो में ऐतिहासिक रोल मिला।
मां शोभा के कहने पर किया था कास्ट
ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि स्मृति को 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में कास्ट करने का फैसला एकता कपूर की मां शोभा कपूर ने लिया था। एकता ने बताया कि उनकी मां ने स्मृति को एक टीवी शो में देखा और तुरंत कहा कि इस लड़की में कुछ खास है।
शोभा कपूर ने अपनी बेटी से कहा, 'एक लड़की देखी है, जो बेहद खूबसूरत है और उसकी शक्ल ट्विंकल खन्ना जैसी लगती है। उसे अपने अगले शो में कास्ट करो।' एकता बताती हैं कि उस समय वो खुद तय नहीं कर पाई थीं, लेकिन उनकी मां का विश्वास इतना मजबूत था कि उन्होंने स्मृति को ऑडिशन के लिए बुलाया।
ऑडिशन में अकेली एकता को ही आई पसंद
जब स्मृति ईरानी ऑडिशन देने आईं, तो वो बेहद शर्मीली और दुबली-पतली थीं। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अभिनय किया और अंत में एक मुस्कुराहट के साथ ऑडिशन खत्म किया। एकता को उनकी मासूमियत और आंखों में छिपी गहराई ने तुरंत इंप्रेस कर दिया, लेकिन सेट पर मौजूद बाकी लोगों को वो उतनी प्रभावित नहीं कर पाईं। फिर भी, एकता के विश्वास ने उन्हें स्मृति को शो का चेहरा बनाने का फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। और यही फैसला टीवी इतिहास के सबसे बड़े किरदारों में से एक 'तुलसी' के रूप में सामने आया।
रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान