सीएम ने पिता को याद करते हुए भावुक शब्दों में जताया आभार
उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने दिन की शुरुआत नीलगंगा रोड स्थित लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के कार्यक्रम में भाग लेकर की। यह आयोजन प्रतिवर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए आयोजित किए जाने वाले अभ्यास वर्ग के तहत किया गया था। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में 6 प्राचार्य, 9 न्यासी और बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।
टॉपर विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं के टॉपर 3 छात्र-छात्राओं और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मलखंभ खेल में पदक जीतने वाले 4 खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने साझा किए विद्यार्थी जीवन के अनुभव
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यालय परिसर राष्ट्रवादी विचारों का एक शुद्ध और सक्रिय केंद्र है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में "कुलपति" शब्द की जगह "कुलगुरु" शब्द के उपयोग के पीछे की सोच को भी साझा किया और कहा कि "गुरु" अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला होता है। डॉ. यादव ने अपने विद्यार्थी परिषद के दिनों को याद करते हुए लोटी विद्यालय से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
स्वदेशी जागरण मंच और बावड़ी उत्सव में भी हुए शामिल
मुख्यमंत्री यादव इसके पश्चात सम्राट विक्रमादित्य भवन, विद्याभारती में स्वदेशी जागरण मंच के कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में वे चिंतामण गणेश मंदिर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी पर आयोजित "बावड़ी उत्सव" में भी पहुंचे और वहां की सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता की।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, लाखों भक्तों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन
घाटी में सख्ती बढ़ी: सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, वांछित आतंकियों के पोस्टर जारी
एमपी के अशोकनगर में दुखद घटना, पूर्व MLA जजपाल जज्जी के भांजे ने की आत्महत्या
ISRO का निसार उपग्रह करेगा किसानों की बड़ी मदद… मिलेगी मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी
चांदी के नंदी पर बिराजे शिव, मोहन यादव ने खींचा रथ, शिवराज भी पहुंचे बड़वाले मंदिर
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने शिवाजी महाराज से की टीपू सुल्तान की तुलना, भाजपा और हिंदूवादी संगठन भड़क उठे