नई दिल्ली । महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा बनी हुई है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) ने बड़ा दावा किया है। शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया है कि भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफा तैयार रखने को कहा है। शिवसेना के एक मुखपत्र में छपे एक लेख में कहा गया कि इसकी वजह सीएम शिंदे बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। नाराजगी के चलते ही शिंदे अपने गांव चले गए हैं। शिंदा वहां तीन दिन छुट्टियां मनाएंगे।
शिवसेना के मुखपत्र में लिखा गया है कि महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बीच एनसीपी नेता अजीत पवार कुछ विधायकों के साथ भाजपा को समर्थन देंगे, ऐसी चर्चा थी। हालांकि, अजीत पवार ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया था कि मैं आजीवन एनसीपी में रहूंगा और शरद पवार के मार्गदर्शन में काम करूंगा। इन सब के बावजूद शिंदे को मुख्यमंत्री पद से हटाने की चर्चा दिल्ली में जोरों पर थी। ऐसी परिस्थिति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तीन दिन के लिए अपने गांव चले गए हैं।
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र में लिखा है कि शिंदे की नाराजगी के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पांच शब्दों में उत्तर देकर मामले को टाल दिया। वहीं शिंदे गुट के नेता और उद्योग मंत्री उदय सावंत ने भी शिंदे की नाराजगी पर टिप्पणी की है। उदय सावंत ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गांव में मेला है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि गांव के मेले में जाने पर मुख्यमंत्री नाराज हैं, ऐसा कोई कह रहा है तो उसका सार्वजनिक सत्कार किया जाना चाहिए। दिल्ली में मुख्यमंत्री बदलने के लिए बैठक हो रही है, ऐसी राजनीतिक गलियारे में चर्चा है। मीडिया के इस सवाल पर उदय सावंत ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्रों में पिछले आठ दिनों से विभिन्न चर्चाएं शुरू हैं, जिनमें कोई तथ्य नहीं है। जब वास्तविकता आएगी, तो हम विचार करेंगे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता चाहते हैं कि देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री होना चाहिए, लेकिन आज की असलियत यह है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं। इस समय देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं।