एमपी में फिर बरसेगा आसमान, ला-नीना तोड़ सकता है ठंड का 15 साल पुराना रिकॉर्ड
भोपाल: मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो गई है, लेकिन अभी बारिश का दौर खत्म नहीं हुआ है. हालांकि, प्रदेश में हल्की बारिश के साथ गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य प्रदेश में नवंबर से ठंड की शुरूआत होगी. इसके पहले 26 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके बाद प्रदेश का तापमान तेजी से कम होगा और ठंड का असर बढ़ने लगेगा.
ला-नीना से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "साल के अंत में प्रशांत महासागर में ला-नीना के सक्रिय होने की प्रबल संभावना जताई जा रही हैं. हालांकि, अभी यह निश्चित नहीं है कि इसका ठंड पर कितना असर होगा, लेकिन यदि पूरी तरह सक्रिय हुआ तो उत्तर भारत में नवंबर से दिसंबर के बीच सामान्य से अधिक ठंड पड़ने की संभावना है. प्रदेश में ला-नीना के प्रभाव से कड़ाके की ठंड के साथ बारिश होने के आसार भी हैं. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी के कारण जनवरी और फरवरी महीने में भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी."
अगले 5 दिनों तक बारिश की चेतावनी
दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "भले ही मध्य प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई है, लेकिन अभी ठंड शुरू नहीं हुई है. नवंबर के पहले सप्ताह से प्रदेश में अच्छी ठंड की शुरूआत होगी. बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर सिस्टम की वजह से अगले 5 दिनों तक मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आइसोलेटेड बारिश की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है."
इसलिए मौसम में आ रहा बदलाव
मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्रन ने बताया कि "पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक अपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण एमपी में तेज हवा के साथ आसमान में बादल छा रहे हैं. इसके साथ ही एक लो प्रेशर सिस्टम अरब सागर के ऊपर सक्रिय है, जो अगले 24 घंटे में डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके साथ ही एक लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है.
आने वाले दिनों में यह उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में हल्की बारिश होने की संभावना है. वहीं सेंट्रल मध्य प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं, जबकि पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क रहेगा."
हिल स्टेशन से भी ठंडा रहा पचमढ़ी
सोमवार को मध्य प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सतना में 33 डिग्री सेल्सियस और ग्वालियर में 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसी प्रकार प्रदेश में सोमवार को न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यहां प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी अधिक ठंड रही. पचमढ़ी में बीती रात 18.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.
2010 के बाद सबसे अधिक ठंड
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्य प्रदेश में नवंबर से जनवरी तक कड़ाके की ठंड का दौर रहता है, लेकिन इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार साल 2010 के बाद सबसे अधिक ठंड का एहसास हो सकता है. ला-नीना के प्रकोप से ठंड के साथ बारिश भी देखने को मिल सकती है. हालांकि, अक्टूबर के बाद ही ला-नीना के प्रभाव के बारे में पता चलेगा.
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