ED की कार्रवाई: अनिल अंबानी की कंपनी पर विदेशी धन ट्रांसफर के संबंध में जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) विदेश में अवैध धन भेजने के संबंध में FEMA के तहत अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रा मामले में इंदौर और मुंबई स्थित 6 परिसरों की तलाशी ले रहा है. इससे पहले पिछले महीने अगस्त में ईडी की ओर से रिलायंस ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी से उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की कथित बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी.
पूछताछ में शामिल होने के लिए अनिल अंबानी दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के ऑफिस सुबह 11 बजे पहुंचे और रात करीब 9 बजे बाहर निकले. ईडी ने अंबानी (66) का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया. तब जांच एजेंसी ने अंबानी से करीब एक दर्जन सवाल पूछे गए.
हालांकि पूछताछ में अनिल अंबानी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और कहा कि उनकी कंपनियों ने नियामकों के समक्ष अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में समय पर खुलासा किया. उन्होंने जांच अधिकारियों को यह भी बताया कि कंपनी से जुड़े सभी वित्तीय फैसले कंपनियों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने लिए थे.
इसी से जुड़े एक मामले में, प्रवर्तन निदेशालय ने ओडिशा की एक कंपनी के प्रबंध निदेशक पार्थ सारथी बिस्वाल को अनिल अंबानी ग्रुप की एक कंपनी के लिए 68 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आर इंफ्रा) सहित अनिल अंबानी की कई कंपनियों द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं और 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ग्रुप लोन की राशि के हेरफेर को लेकर की गई थी.
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