ACB की दबिश: महिला की हिम्मत से पटवारी पहली किश्त लेते ही रंगे हाथों गिरफ्तार, बन गया गवाह पूरा गांव
जबलपुर: लोकायुक्त की टीम ने एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पटवारी, तहसीलदार के आदेश को कम्प्यूटर में दर्ज करने के लिए 6 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पैतृक जमीन के बंटवारे का था मामला
बिशाली पटेल नाम की एक महिला ने अपनी पैतृक जमीन के बंटवारे के लिए तहसीलदार के पास अर्जी दी थी। तहसीलदार ने बंटवारे का आदेश दे दिया था। दर्शनी के पटवारी प्रवीण कुमार पटेल ने इस आदेश को कम्प्यूटर और रजिस्टर में दर्ज करने के लिए बिशाली से रिश्वत मांगी। दोनों के बीच 6 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
लोकायुक्त में कर दी शिकायत
बिशाली ने इसकी शिकायत लोकायुक्त में कर दी। शिकायत की जांच में सही पाए जाने पर लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को पकड़ने की योजना बनाई। बुधवार को जैसे ही बिशाली ने पीडब्ल्यू रेस्ट हाउस के पीछे पटवारी कार्यालय में प्रवीण को रिश्वत दी, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
रिश्वत की रकम को किया जब्त
लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली। आरोपी प्रवीण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत कार्रवाई की गई। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया कि बिशाली पटेल ने तहसीलदार के सामने जमीन बंटवारे के लिए आवेदन किया था। तहसीलदार ने बंटवारे का आदेश पारित कर दिया था। 'दर्शनी-गुजरि के पटवारी प्रवीण कुमार पटेल उम्र 30 ने आदेश को कम्प्यूटर व बही में चढाने एवज में रिश्वत की मांग करी थी।'
ट्रैप दल में थे ये अधिकारी
लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पटवारी कार्यालय में हड़कंप मच गया। ट्रेप दल में प्रभारी राहुल गजभिये, विवेचना अधिकारी उमा कुशवाहा, निरीक्षक षषिकला और अन्य सदस्य शामिल थे।
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