मध्य प्रदेश में और कितने 90 डिग्री वाले ब्रिज, मंत्री ने प्रदेश भर से बुलाई रिपोर्ट
भोपाल: राजधानी भोपाल और इंदौर में ब्रिज की डिजाइन पर सवाल खड़े होने के बाद लोक निर्माण विभाग प्रदेश भर में बन रहे ब्रिज की रिपोर्ट बुलाएगा. विभाग के मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक प्रदेश भर में जितने भी निर्माणाधीन ब्रिज हैं, उनकी रिपोर्ट बुलाई जा रही है. इसके साथ ही एक एक्सपर्ट कमेटी भी गठित की जा रही है.
मध्य प्रदेश में 20 दिन की बारिश में ही प्रदेश की कई सड़कों की सेहत बिगड़ने पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गढ्ढे होते रहेंगे. बारिश में सड़कों पर गढ्ढे कब और किस राज्य में नहीं हुए. सड़कों की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए ताकि उसमें गढ्ढे होने ही नहीं चाहिए.
पत्रकारों से रूबरू हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बारिश में सड़कों पर गढ्ढे होने के सवाल पर कहा कि "जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गढ्ढे होते रहेंगे. इसका मतलब यह है कि किसी सड़क को बने हुए 4 साल हों और उसकी समय सीमा 5 साल थी, तो हो सकता है कि 4 साल बाद गढ्ढे हो जाएं. लेकिन यदि सड़क ऐसी है कि जिसको 4 साल तक खराब नहीं होना चाहिए था लेकिन उसमें 6 माह में गढ्ढे हो गए तो यह गलत है. ऐसे मामले में कार्रवाई होनी चाहिए."
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि "दुनिया में कोई ऐसी सड़क नहीं है, जिसमें गढ्ढे होते ही नहीं हैं. ऐसी तकनीक विभाग के संज्ञान में नहीं आई है. जो सड़कें समय सीमा के पहले खराब हुई हैं, उनकी मरम्मत भी करेंगे और कार्रवाई भी करेंगे. तकनीक की दृष्टि से जिन राज्य को बेहतर माना जाता है, क्या वहां गढ्ढे नहीं हैं. सड़कों की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए ताकि उसमें गढ्ढे होने ही नहीं चाहिए. कई बार क्वालिटी इतनी अच्छी नहीं होती, यदि होती तो गढ्ढे नहीं होते. इसलिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं."
'90 डिग्री नहीं, 114 डिग्री वाला ब्रिज'
मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल के ऐशबाग ब्रिज को लेकर कहा कि "वह 90 डिग्री नहीं, बल्कि 114 डिग्री का है. इसमें सभी जरूरी सेफ्टी मेजर्स मौजूद हैं, जो एक अच्छे ब्रिज में होने चाहिए. इसमें 15 मीटर का टर्निंग रेडियस होना चाहिए जबकि इसमें 20 मीटर है. इसके बाद प्रदेश के सभी निर्माणाधीन ब्रिज की रिपोर्ट बुला रहे हैं. उसके साथ ही एक एक्सपर्ट कमेटी भी गठित की जा रही है ताकि भविष्य में कहीं भी कोई ऐसी बात आए तो उसका परीक्षण करा सकें."
लीला साहू वीडियो पर बोले मंत्री, बजट नहीं
सीधी में लीला साहू के वायरल हो रहे वीडियो पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि "ऐसे कई मामले हैं जहां सड़क की डिमांड है. पीडब्ल्यूडी या किसी भी विभाग के पास इतना बजट नहीं होता कि किसी की एक पोस्ट पर हम सीमेंट कंक्रीट लेकर सड़क बनाने पहुंच जाएं. कौन सी सड़क कौन बनाएगा इसकी व्यवस्था तय है. विभाग की अपनी सीमाएं होती हैं. पहले की तुलना में बजट में कमी नहीं हुई है, सड़क की लंबाई भी पहले से ज्यादा बढ़ी हैं. हम व्यवस्था को बेहतर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं."
'जबलपुर फ्लाईओवर का लोकार्पण होगा जल्द'
जबलपुर में बन रहे फ्लाईओवर के ब्रिज को लेकर मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि "कांग्रेस के कहने से न तो सरकार चलती है और न विकास कार्य होते हैं. जबलपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर बन रहा है और बेहतर तकनीक के साथ बन रहा है. इसमें ऐसी तकनीक अपनाई गई है, जिसको देखने के लिए दूसरे राज्यों से इंजीनियर आ रहे हैं. कांग्रेस के कहने पर उसका समय से पहले लोकार्पण नहीं किया जा सकता. सड़क को 15 दिन के लिए बंद किया गया है क्योंकि वहां निर्माण चल रहा है. अभी लाइटिंग का काम ही नहीं हुआ. लोकार्पण बहुत नजदीक है, लेकिन अभी समय बताना ठीक नहीं."
महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सबूत कमजोर या जांच में खामी? केस पर उठे सवाल
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी