पूर्व मंत्री कमल पटेल के प्रयास से हरदा बना शत प्रतिशत सिंचाई का जिला
शब्द सारांश हरदा
*मध्यप्रदेश में हरदा जिला 100%प्रतिशत होने का गौरव प्राप्त हुआ पूर्व मंत्री कमल पटेल*
*हम जो कहते हैं वह करते हैं पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल*
*प्रधानमंत्री जी का 2047 का सपना 2025 में ही हमने पूरा कर दिया पूर्व मंत्री कमल पटेल*
हरदा जिले के किसानों के लिए सबसे बड़ी सौगात है हरदा जिला सत्य प्रतिशत सिंचित होने वाला मध्य प्रदेश का पहला जिला बन गया है जब मैं कृषि मंत्री था उस समय शहीद ईलाब सिंह सिंचाई उद्धव परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री जी से करवाई थी 5 से 7 गांव के लिए लेकिन उसको हमने विस्तार करते-करते 118 ले गए लेकिन 118 गांव में भी 26890 हेक्टर जहां तवा नहर नहीं है आउट कमांड एरिया था उसको लिया था लेकिन कही कमांड एरिया होने के बावजूद भी गांवों में पानी नहीं पहुंचता था किसी गांव में 75% कहीं 50% कहीं 25% तो हमने शत प्रतिशत गांवों को लिफ्ट इरीगेशन में ले लिया और उसकी योजना फिर से बनवाई और 39976 हेक्टर 118 गांवों में बढ़ गया है टेंडर होने के बाद इसका विस्तार करवाया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से मिले हमारे अधिकारियों से मिले Asis राजोरिया जी से मिले मंत्री तुलसी सिलावट जी से मिले और पुणे योजना बनाकर इसको तवा सिंचाई परियोजना इसको आउट कमान करवाकर उज्जवल सिंचाई परियोजना शहीद ईलाब सिंह में शामिल करवाया गंजाल मोरण में शामिल करवाया 40हैकटेयर शहीद ईलाब सिंह और 40हेक्टर मोरन गंजाल और बाकी जो बचा हुआ है वह तवा हर सिंचाई परियोजना में पहले से ही है जो गर्मी में पर्याप्त पानी मिलेगा इस प्रकार हरदा जिला सत प्रतिशत संचित होने वाला पहला जिला बन गया माननीय प्रधानमंत्री जी का जो सपना है संकल्प 2047 तक भारत को विकसित करना आत्मनिर्भर बनाना हमें खुशी है कि माननीय प्रधानमंत्री जी के सपने को हमने 2025 में ही पूरा कर दिया है जब शत प्रतिशत संचित हो जाएगा हरदा जिला तो वैसे ही विकसित हो जाएगा हरदा जिला किसान की 12 ही महीने फैसले आएगी किसान के पास फसले आएगी तो वैसे ही रौनक आए जाएगी व्यापार में रौनक आएगी उद्योग धंधे चलेगा व्यापार चलेगा दो हाथ को काम मिलेगा और एक विकसित जिला हरदा जिला मध्य प्रदेश का पहला जिला बनेगा इसी महीने इसका काम प्रारंभ हो जाएगा इसलिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी का और जल मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट जी का एवं सिंचाई विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारियों को धन्यवाद करता हूं मेरी मांग पर मेरे सुझाव पर मेरे निवेदन पर इतनी बड़ी योजना स्वीकृत करके हरदा जिले को शत प्रतिशत संचित जिला कराया और मेरा जो सपना था संकल्प था वो पूरा किया और इसके लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद आभार अभिनंदन और हरदा जिले के किसानों को बहुत-बहुत बधाई मध्य प्रदेश का 100% प्रतिशत संचित जिला हरदा बनाने का गौरव प्राप्त हुआ।
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कमल पटेल ने पत्र लिखकर मांग थी कि शहीद ईलाप सिंह माइको उद्वहन सिंचाई परियोजना में तवा परियोजना से असिंचित ग्रामों कि सिचाईयों कि योग्य भूमि में जोडा गया।
पूर्व मंत्री सिंह पटेल ने पत्र के माध्यम से बताया कि उरोक्त विषयान्तर्गत लेख हैं कि शहीद ईलाप सिंह माइको उद्वहन सिंचाई परियोजना जो कि मध्यप्रदेश शासन नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण विभाग भोपाल द्वारा 26890 हैक्टर सिंचाई क्षेत्र की स्वीकृति प्राप्त हुई हैं। जिसमे हरदा तहसील के 4 ग्राम, हंडिया तहसील के 68 ग्राम, खिरकिया तहसील के 27 ग्राम तथा टिमरनी तहसील 19 ग्राम इस प्रकार 118 ग्रामों की कुल 26890 हैक्टर क्षेत्र में सिंचाई की जाना प्रस्तावित हैं। परंतु उक्त 118 ग्रामों में से 54 ग्रामों का रकबा 12,910 हे० जो कि तवा सिंचाई परियोजना से सिंचित होना बताया गया है। परंतु उक्त ग्राम तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर पर होने की वजह से रवि कि सिंचाई में पानी नहीं पहुँच पाता हैं। जिससे कि कृषकगणों में आपस में विवाद एवं लड़ाई झगडा, लॉ आर्डर की परिस्थिति बन जाती है। एवं अन्य 37 ग्रामो कि सिंचाई योग्य जमीन जिसका रकबा 14081 हे० है जो कि शहीद ईलाप सिंह परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र से लगी होने के कारण कृषको द्वारा बार बार मांग की जा रही हैं कि हमारे 37 ग्रामों को भी शहीद ईलाप सिंह माइको उद्वहन सिंचाई परियोजना में सम्मिलित किया जावें।
तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल ऐरिया) के कुछ ग्रामों का जिनका रकबा 12910 हैक्टर तथा शहीद ईलाप सिंह परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र से लगे हुये 37 ग्रामों का 14081 हैक्टर, इस प्रकार कुल 26991 हैक्टर, कृषि योग्य भूमि को शहीद ईलाप सिंह माइको उद्वहन सिंचाई परियोजना में जोडा गया।
मध्यप्रदेश कि भाजपा सरकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी एवं वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी और जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट जी बहुत-बहुत धन्यवाद,,, आभार,,, अब हरदा जिला मध्य प्रदेश का पहला जिला है जो अब 100% संचित हो गया अब तवा नहर एवं मोरन गंजाल और शहीद ईलावसिंह सिंचाई परियोजना लिफ्ट इरीगेशन से सिंचाई होगी क्योंकि नहर खोदते है तो छोटे किसानों की जमीन भी जाती है तो अब नहर नहीं खुदवाना है अब उनको पाइपलाइन से पानी देना है और वह स्वीकृत भी हो गया है लेकिन जो नहर खुदी हुई है और जो गांव टेल क्षेत्र में है उन गांवों में पानी नहीं पहुंचता है उसके लिए बहुत आंदोलन भी करना पड़ता है फसले सूख जाती है बहुत नुकसान होता है जहां पानी नहीं पहुंचता है उसे आउटकमानड घोषित कर मैंने अधिकारियों को हरदा में बैठ कर निर्णय लिया था
हंडिया से हरदा रोड और हरदा से रेलवे लाइन खिड़कियां यह पूरा एरिया टेल का है जहां पानी नहीं पहुंचता है इस आउटकमान घोषित करवा कर शहीद ईलावसिंह सिंचाई परियोजना में गांव शामिल करवाये और नहर विभाग को निर्देश दिए कि इसमें पाइपलाइन के माध्यम से पानी दिया जाए ताकि किसान की जमीन भी बच जाए और पानी भी पहुंच जाए और नर्मदा जी का बेगवाटार पानी पर्याप्त है उसे किसानों को 12 महीने ही पानी मिलेगा।
*जिले का सिंचाई से छूटा हुआ क्षेत्र को भी सिंचाई से जोड़ा गया पूर्व मंत्री कमल पटेल*
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कमल पटेल ने बताया कि उन्होंने बताया कि हरदा जिले में 196000 हेक्टेयर कृषि योग्य 104843 हैक्टर जमीन से तवा नहर से सिंचित हो पाती थी पर माननीय पूर्व कृषि मंत्री कमल जी पटेल के प्रयासों से शहीद ईलाप सिंह उद्वान परियोजना और मोरल गंजाल से अब हरदा जिला 100 परसेंट संचित होगा जिसके अंतर्गत शहीद इलाप सिंह उद्वान परियोजना के अंतर्गत118 गांव की 39980 हेक्टर जमीन संचित होगी और मोरल गंजाल के तहत 40815 हैक्टर जमीन संचित होगी।
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