मां दुर्गा की नौ शक्तियों की उपासना आराधना का महापर्व नवरात्रि चल रहा हैं नवरात्रि की साधना से प्रसन्न होकर देवी मां अपने साधकों पर साल भर अपनी कृपा बरसाती हैं

 
नवरात्रि के पावन दिनों में देवी भगवती की पूजा और साधना में प्रयोग कि जाने वाली हर पूजा सामग्री का प्रतीकात्मक महत्व होता हैं और हर एक सामग्री के पीछे कोई न कोई उद्देश्य या संदेश छिपा होता हैं तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।
 
शास्त्रों के मुताबिक कलश को सुख समृद्धि, वैभव और मंगलकामनाओं का प्रतीक माना जाता हैं कलश में सभी ग्रह, नक्षत्रों और तीर्थों का वास होता हैं इसलिए नवरात्रि में घट स्थापना का सर्वाधिक महत्व होता हैं। वही नवरात्रि पूजन में जौ को बहुत ही शुभ माना जाता हैं जौ समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता हैं।

 
मान्यता हैं कि जौ उगने की गुणवत्ता से भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता हैं। बंदनवार को भी मुख्य माना जाता हैं पूजा अनुष्ठान के दौरान मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों की बंदनवार लगाई जाती हैं। ऐसा करने से घर में नकारात्मका नहीं प्रवेश कर पाती हैं और घर परिवार में देवी देवताओं का आशीर्वाद बना रहता हैं।
 
वही नवरात्रि पूजन में घर में शुद्ध देसी घी का अखंडदीप जलाने से घर में सकारात्मकता का संचार होता हैं नकारात्मकता नष्ट हो जाती हैं इससे आस पास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक गुड़हल के पुष्प अर्पित करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सभी इच्छाएं भी पूर्ण करती हैं।