हिसार. आमतौर पर थाने में अपराधिक मामले से जुड़ी घटनाओं की बू आती है, लेकिन इन दिनों हिसार जिले के हांसी  के महिला थाने (Women Police Station) में आपको अपने घर की रसोई से खाने की खुशबू आएगी. दरअसल, महिला थाने के स्टाफ द्वारा जरुरतमंदों को भोजन (Food) उपलब्ध करवाया जा रहा है. थाने में ही महिला पुलिस कर्मचारी खाना बनाती है और फिर लोगों में बांटती हैं. महिला थाने का स्टाफ इस संकट की घड़ी में दोहरी जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहा है. पुलिसकर्मी पहले तो शेड्यूल के हिसाब से ड्यूटी करती हैं और फिर जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवाती हैं, वो भी स्वयं थाने में बनाकर.

महिला थाने में तैनात कोई कर्मचारी अपने घर से आटा ले आई लेकर आती है तो कोई घी, चावल, मिर्च व दाल ले आती हैं. यहीं नहीं एक पुलिस कर्मचारी के पति को जब इस बारे में पता लगा तो कई किलो नमक, मिर्च, दाल थाने में भेज दी ताकि कोई भूखा ना सोए. महिला थाने में 45 कर्मचारी तैनात हैं और सभी अपने स्तर पर राशन और अन्य सामग्री दे रहे हैं. जरुरतमंदों को खाने के अलावा शाम को चाय भी बांटी जाती है और कई बार प्रसाद के रूप में हलवा भी दिया जाता है.

सेवा भावना देख सब दे देते हैं छूट

महिला पुलिस कर्मचारियों जब सब्जी लेने मंडी जाती हैं तो उनकी सेवा भावना को देख सब्जी विक्रेता उन्हें रेट में छूट दे देते हैं. ऐसे ही जब राशन खरीदने जाती हैं तो वो के दाम कम लेता है. थाना प्रभारी ने बताया कि एक राइस मिल में चावल खरीदने गये तो उसने तो कई किलो चावल ही दे दिये. टेंट हाऊस में खाने बनाने के लिए बर्तन लेने गए तो उसने भी किराये में छूट दे दी. कुछ लोग तो थाने आकर राशन तक दे गए ताकि जरुरतमंदों को रोटी मिल सके.
पूरा स्टाफ मिल-बांटकर करता है काम

थाने में 45 महिला कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें से अधिकतर लॉ एंड आर्डर की ड्यूटी पर तैनात रहती हैं. मेस में पांच पुलिस कर्मचारी स्पेशल खाना बनाने का जिम्मा संभाल रही हैं, जबकि अन्य कर्मचारी भी समय मिलते ही इनकी सहायता के लिए थाने की मेस में पहुंच जाती हैं. हांसी महिला थाना प्रभारीनिर्मला ने बताया की कोरोना के खिलाफ पूरे देश एकजुट है. लॉकडाउन के समय में जिन लोगों को खाना नहीं मिल पा रहा है उन्हें खाना उपलब्ध करवाने के लिए थाने के सभी कर्मचारी आपसी सहयोग से उन्हें भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं.