अयोध्या ,वासंतिक नवरात्र से रामलला के दर्शन नए स्थान पर होंगे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के निर्माण एव प्रशासनिक इकाई समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने रामलला के स्थान परिवर्तन को हरी झंडी दे दी है। इस नए स्थान पर रामलला की सुरक्षा व्यवस्था का नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। वहीं, श्री राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए रामनवमी से पहले ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से 25 मार्च तक का समय मांगा है। तकनीकी विशेषज्ञों की ओर से 70 एकड़ के राम जन्मभूमि परिसर के लिए मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा। 

नृपेन्द्र मिश्र शनिवार को तकनीकी विशेषज्ञों के साथ रामजन्मभूमि पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने विराजमान रामलला को उनके गृर्भगृह में जाकर नमन किया। इसके उपरांत रामलला के स्थान परिवर्तन के लिए प्रस्तावित नवीन स्थल का न्यासियों व अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने हनुमानगढ़ी के भी दर्शन किए।

 प्रस्तावित स्थल पर उनके निरीक्षण के पूर्व ही स्थान को पूरी तरह साफ कर समतल बना दिया गया था। चूनाकारी से रामलला के अस्थाई मंदिर के स्थान को रेखांकित किया गया।  दर्शनार्थियों की लेन व सड़क को भी रेखांकित किया गया। श्री मिश्र व उनके साथ तकनीकी विशेषज्ञों के पहुंचने पर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने उन्हें पूरी भूमिका समझाई। इसके बाद मानस भवन में हुई बैठक में अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका प्रस्तुत किया। इस खाके का अनुमोदन केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से किया जाना है। बैठक में प्रस्तावित स्थल पर रामलला के भोग-राग की व्यवस्था के लिए कोठार व भंडार को लेकर भी आवश्यक विमर्श किया गया।

70 एकड़ परिसर का कार से किया अवलोकन

रामजन्मभूमि के विस्तृत परिसर का भूभाग अलग-अलग टापुओं की तरह स्थित है। इसका एक सिरा त्रिदंडदेव संस्कृत महाविद्यालय पर है तो दूसरा गोकुल भवन। तीसरा क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आगे यूसुफ आरा मशीन  है तो चौथा पुराना विश्वामित्र आश्रम। इन हिस्सों में निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से बुलेटप्रूफ कार ले जाने के लिए पाथ-वे बनाया गया है। निर्माण कमेटी के चेयरमैन ने ट्रस्ट के महासचिव व तकनीकी विशेषज्ञों के साथ अधिकतम क्षेत्र का अवलोकन इसी पाथ-वे पर कार से चलकर किया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पूरी जमीन और उसकी चौहद्दी से पूरी टीम को अवगत कराया।

विशेषज्ञों की टीम मुख्य आर्किटेक्ट के साथ मार्च में फिर करेगी भ्रमण

निर्माण कमेटी के चेयरमैन व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र मिश्र व राम मंदिर मॉडल के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा के बीच मुलाकात मार्च में होनी है। इसकी पुष्टि ट्रस्ट के महासचिव श्री राय ने की है। भेंट की तिथि होली के बाद तय होगी। इस भेंट के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी और उसके बाद यह टीम मुख्य वास्तुकार श्री सोमपुरा के साथ रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण करेगी।