नई दिल्ली: कालेधन (Black money) को लेकर मोदी सरकार (Modi Govt) की बड़ी कामयाबी मिली है. सरकार को स्विस बैंक के खाताधारकों की पहली लिस्ट मिल गई है. अगले साल और भी खातों की जानकारी मिलेगी. स्विट्जरलैंड की सरकार ने भारत सरकार को बैंक खातों से जुड़ी पहली जानकारी सौंप दी है. सरकार की ओर से स्विस बैंक में खुले भारतीय खातों की जानकारी सरकार को सौंपी है. भारत कुछ चुनिंदा देशों में से एक है जिन्हें ये जानकारी मिल रही है.

सरकार को ऑटोमेटिक इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज फ्रेमवर्क (AEOI) के तहत पहली बार आंकड़े प्राप्त हुए हैं. फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (FTA) ने 75 देशों के साथ खाताधारकों की जानकारी साझा की है. फिलहाल लगभग 7500 संस्थाएं (बैंक, ट्रस्ट) एफटीए में रजिस्टर्ड हैं. ये संस्थान डेटा एकत्र करके उन्हें एफटीए को सौंपते हैं.

इससे पहले, 8 सितंबर को स्विटजरलैंड ने स्वचालित व्यवस्था के तहत कुछ सूचनाएं भारत को उपलब्ध कराई थीं. हालांकि इस लिस्ट में बंद हो चुके खातों की जानकारी थी. इसी साल जून में स्विस सरकार ने विदेशों बैंकों में कालाधन रखने वाले 50 भारतीय कारोबारियों के नाम उजागर किए थे. स्विस अधिकारियों ने खाताधारकों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी भेजा था. इनमें ज्यादातर कोलकाता, मुंबई, गुजरात और बेंगलुरु के थे. पिछले एक साल में 100 से ज्यादा भारतीय खाताधारकों के नाम सामने आ चुके हैं.